Bank credit score बैंकों ने बदला लोन देने का तरीका, सैलरी नहीं अब ये स्कोर देखकर देंगे लोन

अगर आप घर खरीदने के लिए लोन (Home Loan) लेना चाहते हैं तो आपके लिए ये खबर महत्वपूर्ण है. क्योंकि कुछ Govt Banks  (PSU Banks) ने लोन देने के तरीके में बदलाव किया है. बैंक अब Loan  के लिए सैलरी की जगह क्रेडिट स्कोर (Credit Score) को तवज्जो दे रहे हैं. बैंक नए Home Loan  के लिए credit score  का उपयोग करेंगे. अगर आपका Credit score  अच्छा है तो आपको होम लोन कम ब्याज दर (Low Interest Rate) पर मिलेगा. वहीं अगर आपका Credit score  खराब है तो आपको मिलने वाले होम लोन की ब्याज दर भी ज्यादा होगी.

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इन तीन बैंकों ने की शुरुआत

तीन सरकारी बैंकों, बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda), यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (Union Bank of India) और सिंडिकेट बैंक (Syndicate Bank) ने अपने ग्राहकों को क्रेडिट स्कोर (Credit Score) के आधार पर लोन देना शुरू किया है. इन तीनों बैंकों ने क्रेडिट इन्फॉर्मेशन ब्यूरो ऑफ इंडिया (CIBIL) से मिले क्रेडिट स्कोर स्लैब (Credit Score Slab) के आधार पर लोन देंगे.

 

1 फीसदी सस्ता मिलेगा लोन

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नए एक्सटर्नल बेंचमार्किंग व्यवस्था के तहत, अब बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) नया लोन जारी करने के लिए सिबिल स्कोर (CIBIL Score) की मदद लेगा. अगर किसी ग्राहक का कुल क्रे डिट स्कोर 900 में से 760 व इससे अधिक है तो उन्हें 8.1 फीसदी की ब्याज दर से लोन मिलेगा. 725 से 759 के बीच क्रेडिट स्कोर रहने पर लोन के लिए ब्याज दर 8.35 फीसदी तय की गई है. वहीं, 675 से 724 के बीच क्रेडिट स्कोर रहने पर 9.1 फीसदी का ब्याज देना होगा. इस प्रकार देखें तो न्यूनतम और अधिकतम Interest Rate  में 1 फीसदी का अंतर होगा. ऐसे में यदि किसी ग्राहक का Credit score  बेहतर है तो वो 1 फीसदी कम दर पर लोन ले सकता है.

 

बेहद जरूरी हो जाएगा Credit score  को मेंटेन करना

 

Reserve Bank of India (RBI)  ने सभी Banks  को इस बात की अनुमति दे दी है कि एक्सटर्नल बेंचमार्क के आधार पर ब्याज दर तय करने के लिए क्रेडिट रिस्क प्रीमियम चार्ज करें. RBI की इस अनुमति के बाद अब लोन के लिए क्रेडिट स्कोर की जरूरत और बढ़ गई है. 1 October  से ही बैंकों ने नए Floating Rate  पर रिटेल लोन तय करने के लिए एक्सटर्नल बेंचमार्क अपना लिया है. लोन की पूरी अवधि के दौरान Credit score  का महत्व उतना ही होगा, जितना की लोन के अप्रूवल के वक्त होगा.

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क्रेडिट स्कोर गिरने पर बढ़ जाएगा प्रीमियम

अगर लोन लेने वाले का क्रेडिट स्कोर 760 से नीचे चला जाता है, तो ब्याज ज्यादा देना होगा. अगर किसी उधारकर्ता का Cibil Score  50 अंक से ज्यादा गिर जाता है तो सिंडिकेट बैंक ने प्रीमियम को बढ़ाने का फैसला किया है.

 

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700 से कम स्कोर वाले को 0.10% अधिक देना होगा ब्याज

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया 700 से नीचे के क्रेडिट स्कोर वाले ग्राहकों के लिए 10 बेसिस प्वाइंट्स अधिक ब्याज लेगा. बता दें कि सिबिल स्कोर 300 से 900 तक होता है, जिसमें 900 हाई लेवल का स्कोर माना जाता है और 300 सबसे कम माना जाता है.

 

क्या होता है क्रेडिट स्कोर?

Credit score  को आम बोलचाल की भाषा में सिबिल स्कोर भी कहा जाता है. Customer  का सिबिल स्कोर क्रेडिट सूचना रिपोर्ट (सीआईआर) का 3-अंकीय संख्यात्मक सारांश है, जो कि पिछले क्रेडिट व्यवहार और पुनर्भुगतान इतिहास पर आधारित होता है. इसकी रेंज 300 से 900 तक होती है. Score  जितना अधिक होगा, बेहतर ऋण स्वीकृति की संभावना है. ज्यादातर बैंक ऋण को मंजूरी देने से पहले उपभोक्ता के Cibil Score  और रिपोर्ट की जांच करते हैं.

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