अगर SBI में है खाता तो जरूर पढ़ें ये खबर, बदल गए हैं ये 5 नियम

देश के सबसे बड़े बैंक यानी भारतीय State bank  ने आज से डिपॉजिट पर लगने वाले सर्विस चार्जे में कई बदलाव कर दिये हैं। SBI द्वारा आज नकदी निकासी, औसत मासिक बैलेंस और Deposit से जुड़ें नियमों में आज से बदल जाएंगे। ऐसे में यदि आपके पास भी एसबीआई का खाता है तो आपको इन नियमों के बारे में जरूर जान लेना चाहिए। तो आइए जानते हैं कि SBI  सविर्स चार्जेज से जुड़े नियमों में क्या बदलाव हुए हैं।

SBI

औसतन मासिक बैलेंस

 

आज से यानी 1 अक्टूबर से SBI ने शहरी क्षेत्रों के खाताधारकों को औसतन मासिक बैलेंस की सीमा 5,000 रुपये से घटाकर 3,000 रुपये कर दिया है। अगर कोई ग्राहक अपने खाते में औसतन 3,000 रुपये नहीं रखता है तो इसके लिए चार्जे देना होगा।

 

NEFT औार RTGS चार्ज

ग्राहकों के लिए नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड्स ट्रांसफर (NEFT) या रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (आरटीजीएस) चार्जेज फ्री है, लेकिन शाखाओं को इसके लिए चार्ज देना होता है। 10 हजार रुपये तक के एनईएफटी ट्रांजैक्शन पर 2 रुपये और जीएसटी चार्जेबल होगा। इसके अलावा एनईएफटी के जरिए 2 लाख रुपये तक के ट्रांजैक्शन पर 20 रुपये और जीएसटी अतिरिक्त शुल्क के रूप में देय होगा।

 

डिपॉजिट और विड्रॉल

 

SBI के खाताधारकों के लिए एक माह में 3 बार अपने सेविंग अकाउंट में कैश डिपॉजिट करने पर कोई चार्ज नहीं देना होगा। इसके बाद प्रत्येक डिपॉजिट पर 50 रुपये + GST अतिरिक्त शुल्क के रूप में देना होगा।

SBI

इसके साथ ही SBI ने जानकारी दी है कि नॉन-होम ब्रांच के जरिए अपने खाते में 2 लाख रुपये तक जमा कर सकते हैं। इसके बाद ब्रांच मैनेजर यह फैसला लेगा कि आप इससे अधिक रकम Deposit   कर सकते हैं या नहीं।

 

एसबीआई ने जानकारी दी है कि 25,000 रुपये की औसतन मासिक बैलेंस मेंटेन करने वालो खाताधारकों को एक माह में दो बार फ्री कैश विड्रॉ करने की अनुमति होगी। वहीं, 25 हजार रुपये से लेकर 50 हजार रुपये औसत मासिक बैलेंस मेंटेन करने वालों को 10 बार फ्री में कैश विड्रॉ करने का मौका मिलेगा। अगर आप पहले से तय लिमिट से अधिक बार कैश विड्रॉ करते हैं तो इसके लिए खाताधारक को 50 रुपये और GST  देना होगा।

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